मेरा कूड़ेदान
- जोहेब आजाद
मेरे कूड़दान में
कुछ कागज के पन्ने
उन में बसे
लफ्ज मेरे
तकलीख़ मेरी
कुछ दर्द
और मेरे
सपने अधुरे
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