भारत में मजदूरों की स्थिति

साथियों आज हमारे देश में मजदूरों की स्थिति बहुत ही खराब होती जा रही है। समाज में रहने वाले प्रत्येक नागरिक को स्ंवय से यह सवाल पूछना चाहिए कि क्या वह मजदूरों की इस स्थिति से वाकिफ नही है या जानबूझ कर अन्जान बना हुआ है?  क्यांेकि आज भी हममें से कुछ लोग सोचते हैं कि यदि मज़दूरों को उनका हक मिला तो इससे हमारा नुकसान होगा। इसी सोच के चलते समाज का एक तबका इनके हकों की बात नहीं करता हैं। जो करते भी हैं उन्हें ज़ोर ज़बरदस्ती चुप करवा दिया जाता है।

पर शायद हम ये नहीं सोचते कि उनको हक मिल जाये तो उनको हज़ारों समस्याओं से निजात मिल जाये। उनके घर और परिवार और बच्चों के चेहरो पर एक अलग सी खुशी देखने को मिलेगी। हम भूल जाते हैं कि वे भी हमारे भाई बहन हमारे अपने ही लोग हैं जो दूसरों को खुशी देकर खुद अपना जीवन दुःख भरा बिताते हंै। मज़दूर चाहे महिला हो या पुरूष, उनका शोषण किया जा रहा है। आर्थिक रूप से, मानसिक रूप से और शारीरिक रूप से उनका शोषण किया जा रहा है।

पर शायद हम भूल जाते हैं कि आज हमारे इन्हीं मजदूर भाई बहनों की वजह से हमारे देश की आर्थिक स्थिति मज़बूत हो रही है। फिर भी आज हमारे देश में हमारे मजदूर भाई बहनों का हक मारा जा रहा है। हमारे देश के लोग ये भूल जाते हैं कि रोजगार न होने की वजह से हमारे भाई लोग अपना घर परिवार छोड़ कर देश विदेश में मज़दूरी करके अपने घर और हमारे देश कि आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रहे है। घर से दूर जब इनसान अनजाने शहरों में रहने को मजबूर होता है तो उसका तरह तरह से शोषण होता है।

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