नई क्रांति
केसर सिंह
आधारशिला शिक्षण केन्द्र, मध्य प्रदेश
सृष्टि के क्रमिक विकास यानि बदलाव से ही आज हम इंसान यहाँ इक्ठठे होकर एक दूसरे से मिल पा रहे हैं । संसार के अलग-अलग कालों में लोगो ने अपने शोषण के खिलाफ आवाज उठाई और क्रांति की राह पर चले जिसमें उन्होंने सफलता भी प्राप्त की।
वर्तमान स्थिति में किसानों, मजदूरों, महिलाओं को अनेक दुखों का सामना करना पड़ रहा है। वे लगातार समाज के पूंजीपति वर्ग द्वारा शोषित होते जा रहें है। समाज के सभी शोषित वर्गो को एकजुट होते हुये पुनः नवीन क्राति की शुरूआत करनी चाहिए।
भारत की करीब सत्तर प्रतिशत जनता गांव में निवास करती है। इतनी बड़ी संख्या है फिर भी 9 प्रतिशत डमरूधारी डमरू की आवाज पर सबको नचा रहे हैं। हमारे द्वारा चुने हुए प्रतिनिधि पूंजीपतियों के साथ मिलकर हमारा शोषण करते हैं।
आज मैं सभी कार्यकर्ताओं से आहवान् करता हूं। ग्राम स्वराज्य की स्थापना के लिए आपसी झगड़ों व अन्य समस्याओं के निदान हेतु ग्राम सभा को अपनायें। समाज में जो चल रहा है वह सही है या गलत, इसे समझने के लिये विज्ञान की दुनिया पर सैर करें।
आधारशिला शिक्षण केन्द्र, मध्य प्रदेश
सृष्टि के क्रमिक विकास यानि बदलाव से ही आज हम इंसान यहाँ इक्ठठे होकर एक दूसरे से मिल पा रहे हैं । संसार के अलग-अलग कालों में लोगो ने अपने शोषण के खिलाफ आवाज उठाई और क्रांति की राह पर चले जिसमें उन्होंने सफलता भी प्राप्त की।
वर्तमान स्थिति में किसानों, मजदूरों, महिलाओं को अनेक दुखों का सामना करना पड़ रहा है। वे लगातार समाज के पूंजीपति वर्ग द्वारा शोषित होते जा रहें है। समाज के सभी शोषित वर्गो को एकजुट होते हुये पुनः नवीन क्राति की शुरूआत करनी चाहिए।
भारत की करीब सत्तर प्रतिशत जनता गांव में निवास करती है। इतनी बड़ी संख्या है फिर भी 9 प्रतिशत डमरूधारी डमरू की आवाज पर सबको नचा रहे हैं। हमारे द्वारा चुने हुए प्रतिनिधि पूंजीपतियों के साथ मिलकर हमारा शोषण करते हैं।
आज मैं सभी कार्यकर्ताओं से आहवान् करता हूं। ग्राम स्वराज्य की स्थापना के लिए आपसी झगड़ों व अन्य समस्याओं के निदान हेतु ग्राम सभा को अपनायें। समाज में जो चल रहा है वह सही है या गलत, इसे समझने के लिये विज्ञान की दुनिया पर सैर करें।
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